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We're building a great company, and we're very excited about the future of the company.

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  • क्या मेरे बच्चे या बच्ची का हकलाना स्वम ठीक हो जायेगा ?
  • सर मुझे और मेरे घर वालो को विश्वाश ही नहीं होता की मै ठीक हो जाउगा ?
  • क्या ठीक हुए लोगो के मोबाइल नंबर मिल सकते है ?
  • क्या हकलाना अनुवांशिक रोग है ?
  • गाना गाते समय नहीं हकलाते जब की बात करते समय हकलाते है ऐसा क्यों ?
  • हकलाना उम्र बदने के साथ साथ बढ़ता है ऐसा क्यों ?
  • आप शब्द के पहले अक्षर में ही अधिक क्यों अटकते है ?
  • हम उसी शब्द में कभी अटक जाते है कभी उसी शब्द को बड़े आसानी से बोल लेता ऐसा क्यों सर ?
  • परिचित व्यक्ति के सामने कम और अनजान व्यक्ति के सामने अधिक क्यों हकलाते है ?

हकलाहट किसी घर कि दीवार पर लगे पीपल के वृक्ष की तरह होती है।

कयोंकि पीपल का पौधा जब किसी दीवार पर लग जाता है। तब उसे पूरी तरह से नष्ट करना थोड़ा मुश्किल होता है। इसे जितनी बार काटने की कोशिश करेंगे यह उतनी बार ही वापिस उग आएगा। इसे पूरी तरह से नष्ट करने के लिये बार बार काटना पड़ेगा। मेरा कहने का यह मतलब है की बार बार यह धयान रखना पड़ेगा कि यह फिर से ना उग जाए ।

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मै २६ साल तक महा मुर्ख बना रहा

मै २६ साल तक महा मुर्ख बना रहा | सोचता था बहुत अच्छे से बोलु कही अटक न जाऊ और जितना ठीक बोलने कि इक्छा मन में होती उतना ज्यादा हकलाता | मै सोचता था कि सामने वाले को यह नहीं पता है कि मै हकलाता हू | और हकला गया तो यह जान जायेगा कि बी.के हकला है | पर दुर्भाग्य यह रहा कि मै छुपा कभी नहीं पाया , हर बार सोचता इस बार बहुत बढ़िया बोलूगा, लोगो को बिलकुल पता नहीं चलना चाहिय कि मै हकलाना हू , और फिर हकलाता , शर्म से लाल पीला हो जाता

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मित्रो मै आज आप से यह बताउगा की हकलाना को ठीक करने के लिए मेरे अन्दर हिम्मत कैसे आयी

मित्रो मै चाहता हु की हम सभी हकलाने वाले एक जगह प्रतेक रविवार को मिले और हकलाहट के सभी पहेलुऊ को बिस्तार से समझे ,मित्रो मै रविवार को आप सभी से मिलने के लिए समय देना चाहता हु ,मै चाहता हु की हम सब रविवार को मैहर में मिले और बाते करे | यदि कोई हकलाने वाला व्यक्ति है और वह रविवार को आता है हो मै उसे पूरा समय दुगा और हकलाहट की पूरी जानकारी दुगा | हमे आप लोगोसे बात करने में बहुत ख़ुशी होगी ,और गर्व भी होगा , और बहुत सी बातो पर चर्चा करना है आने में संकोच मत कीजिये अक्सर मै देखता हु की हकलाने वाले लोग मोबाईल में बात करने में संकोच करते रहते है | हमको गर्व होगा जब आप का फ़ोन आएगा ,मै पूरी लगन से ,ध्यान से , आप की बात सुनता हु , आपका स्वागत है मोबाईल में ,फ़ोन में ,मीटिंग में

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फिल्म कमीने में शाहिद कपूर हकला बने हैं फिल्म कमीने में शाहिद कपूर हकला बने हैं,

मलेकिन किसी हक ले की वास्तविक पीड़ा को समझना हो तो कुमार अंबुज की यह कहानी पढि़एमैं अपनी सुदूर स्मृति के पहले दिन से ही हकला हूं। ‘स्पीच थेरेपी ’ का नाम न तो मेरे घर-गांव में किसी ने सुना था, न कस्बे में। बचप में यह तय हो जाने के बाद कि यह तुतलाहट और भाषा सीखने की लडख़ड़ाहट से अलग कोई दूसरी चीज ‘हकलाहट ’ है, पिताजी द्वारा कई बार मेरी पिटाई भी की गई। पिताजी दुखी थे, चिंतित और मेरी हकलाहट दूर करने केलिए प्रतिबद्ध। वे मुझसे एक झटकेमें ही पूरा वाक्य बोलने की अपेक्षा रखते थे

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हकलाने से आसानी से उबरा जा सकता है।

महकलाना या अटक-अटक कर बोलना स्वर-यंत्र की खामी न होकर मन की बेचैनी है। यह बात ज्यादातर लोग नहीं जानते। दरअसल, यह एक ऐसी समस्या है जिसकी शुरुआत आम तौर पर बचपन से तब होती है जब बच्चा बोलना सीखता है। यह मन की निराशा, जीभ के जोड़ में मामूली कमी या कई बार असाधारण तनाव से जुड़ी होती है। किसी घर में अगर हर समय कलह रहे, बच्चों को बोलना सीखने की उम्र में ही मार-डाँट पड़ने लगे, उसे तुतलाने और हकलाने पर पूरा ध्यान और जरूरी टोकाटाकी न हो तो परेशानी बन जाती है। इसके अलावा, स्कूल में पढ़ाई-लिखाई या किसी दूसरी चीज को लेकर बहुत अधिक तनाव रहे तो उसका असर अनजाने में ही हकलाहट की परेशानी खड़ी कर देती है। इसके अलावा, संगी-साथियों, भाई-बहन द्वारा चिढ़ाए जाने और बड़े-बूढ़ों के बार-बार इस ओर ध्यान दिलाने पर बच्चों की जिद से भी यह दोष स्थायी हो सकता है। सचाई यह भी है कि हकलाने वाला व्यक्ति अपने ख्यालों में जरा भी नहीं अटकता। अगर वह अकेले में खुद से बातें करे तो उसे कोई परेशानी नहीं होती। गाते समय भी उसकी जुबान में कोई अटक नहीं पैदा होती। उसके स्वर यंत्र और स्नायु तंत्र की जांच करें तो उनमें भी कोई कमी नहीं मिलती। यही वजह है कि हकलाने से आसानी से उबरा जा सकता है।

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हकलाहट कि जेल

दोस्तों आप को आज मै अपनी बीती सुनाता हू मै अपनी लाईफ को घुट घुट क़र जीता था हकलाहट मुझे मनेज करती रहती और मै HKJ कि हकलाहट के हुक्कम सहता रहा इस जेल में भारत कि एक करोड़ आबादी बंद है यह एक अनोखी जेल है इसमें मार तो बहुत पड़ती है पर बताने कि हिम्मत नहीं होती, चिल्लाने का सहस नहीं होता,रोने से दिल नहीं भरता, हर तीन चार मिनिट में पिटाई होती है,पर अपनों से कहने का सहस नहीं होता ,HKJ में मेरा कुछ नहीं चलता मै हकलाहट के द्वारा मेनेज किया जाता मै बोलना चाहता “एक गिलास पानी लाओ ” पर सिपाही आता और कहता मेरे अनुसार बोलो ——-” पानी लाओ एक गिलास दूसरा सिपाही आता बोलता मेरे अनुसार बोलो………………………. “लाओ न एक गिलास पानी ” जब दोनों सिपाही एक साथ आते तो मै किसकी मानता ? इसलिया मै पानी कि जगह water बोलता और दोनों सिपाहियों से जान बचने के लिए” एक गिलास वाटर लाओ ” बोलता

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कुत्ता और हकलाना

दोश्तो आप हमेशा सोचते है की मेरी स्पीड क्यों कंट्रोल नहीं होती है , मै आप को आज यह बताउगा की हमारी स्पीड क्यों बढ जाती है ? और हम घबडा जाते है मित्रो बात यह है की हम हकलाहट को एक पागल कुत्ता मानते ,और जब पागल कुत्ता हमारे सामने आता है तो हम कैसा व्यव्हार करते है ? हमारी चलने की स्पीड कैसे बदती है ? हमरी धड़कने कैसे बढ जाती है? आप स्यम उत्तर सोचिये मेरा मतलब साफ है की जैसे ही कोई हार्ड वर्ड आता है , वैसे ही हम हार्ड वार्ड को पागल कुत्ता मन कर ,अपना दुसमन मन लेते है , और घबडा जाते है अब आप को थोडा और आगे ले चलते है और विचार करते है की कुत्ता को यानि हकलाना को दोश्त कैसा बनाये मन लीजिये की रातको आप कही बहार से घर आये रास्ते में एक कुत्ता मिला और आप के पीछे पड गया आप के पास दो रास्ते है

1- दौड़ लगा दो —- यदि आप दौड़ लगा देगे तो कुत्ता आप के पीछे दौड़ेगा और थोड़ी ही देर में आप को कट लेना आप बुरी तरह फस सकते है , आप हकलाना के श्रेत्र में यही करते है , जैसे ही आप किसी कठिन अक्षर को देखते है वैसे ही आप भागने का प्रयास करते है और हकलाहट आप को और परेसान करना चालू कर देती है और आप की धड़कने बढ जाती है और आप बुरी तरह हकला जाते है

2- आप थोड़ी हिम्मत कीजिए और शु शु शु ——-, या , शी शी शी——- या शिटी बजाते हुए पहले अपने आप को रोके अर्थात थोड़ी देर कुत्ते के सामने अपने आप को रोके , टेक्निक( शु शु शु ——-, या , शी शी शी——- या शिटी) उसे करना पड़ेगा तब कुत्ता आपने आप धीमा पड़ जायेगा, और आप सहेज भाव से कुत्ते के बिरोध से निजात पा सकते है ,ठीक इसी प्रकार से हकलाना को भी आप टेक्निक का यूज़ कर के हकलाने के डर से निजात पा सकते है जब भी आप को कठिन वर्ड दिखे आप भागने या बचने का प्रयास मत कीजिए बल्कि सामना करे तब आप कुछ ही दिनों में बेहतर अनुभव करेगे


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